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The Answer

ज़रा कभी उन पुराने खतों को खोलकर पढ़ना  जो इस वक़्त तुम्हारी अल्मारी की धुल में पड़े हैं।  तुम्हे तुम्हारी बेवफाई के सबूत वहीँ मिल जाएंगे  क्योकि वफ़ा करने वाले अक्सर सवाल नहीं किया करते।  जन्नत की हक़ीक़त भी मुझे तब पता चली  जब काफिर के बोलने का लहज़ा ही बदल गया  मानो ज़िन्दगी ने कभी मुलाक़ात ही नहीं करवाई थी  ये वक़्त तो बस रंजिशें करने में लगा हुआ था  कौन सी?? वो इसे भी नहीं पता था ।                            - Pushkin Channan

Lamhe...

ज़रा सा उन लम्हों को समेट लूँ जो अब वापस नहीं आएँगे ज़रा उन लम्हों को रोक लूँ जो यादें दिल में छोड़ जाएंगे ज़रा कोशिश कर लूँ दोबारा से उन लम्हों को जीने की जो यादें बन जाएंगे ज़रा सा और जी लूँ ये ज़िन्दगी यादगार बनाने के लिए ज़रा फिर से शायरी कर लूँ काफिर की बेवफाई का सबूत इक्कठा करने के लिए ज़रा सा लापरवाह हो जाऊं अपनों और गैरों के बीच में फर्क जानने के लिए ज़रा सा वक़्त को रोक लूँ हसीन पल को आखरी बार जीने के लिए ज़रा बचपन की उन पुरानी गलियों में फिर से चक्कर लगा लूँ जहाँ कभी पानी में अपनी भी कश्ती चला करती थी यूँ ही ज़रा सा हर वो काम कर लूँ जिसे करने पर ख़ुशी मिला करती थी ये वक़्त न ठहरा था और न ही ठहरेगा वक़्त के साथ हालात और इंसान दोनों बदल जाते हैं और रहे जाती हैं तो सिर्फ यादें वो यादें जो किसी के चले जाने के बाद आती हैं......                         - Pushkin Channan

That Aspire to Win....

ना खाली कागज़ बचे, ना ही लिखने को शब्द बस ऐसे ही किसी तरह उसे याद कर लेता हूँ  हर वो कोशिश बेशुमार कर लेता हूँ  जिससे मेरी आवाज़ उस तक पहुँच जाए ।  बदल सी गई हैं ये हवाएं  बदल से गए हैं हम  बदल सा गया है वो सारा जहाँ  जिसे कभी हासिल करने की बात किया करते थे हम ।  काश ये वक़्त थम सा जाता   काश ये हवाएं रुक सी जाती  काश मैं भी वो पल जी लेता जो सपनो में कभी देखे थे मैंने  काश मुझ में सपनो को हक़ीक़त में बदलने की ताक़त होती !!!!! काश!!!!!!                                                     - Pushkin Channan

उम्मीद करता हूँ......

जब भी मेरी याद आएगी, उम्मीद करता हूँ के लौट आओगे तुम  जब भी तनहा महसूस करोगे उम्मीद करता हूँ के मुझे आवाज़ दोगे तुम जब भी सिसकियाँ लोगे उम्मीद करता हूँ मुझे याद करोगे तुम  जब भी अकेला महसूस करोगे उम्मीद करता हूँ मुझे आवाज़ दोगे तुम  जब भी खुशियां बांटोगे उम्मीद करता हूँ मुझे भी शामिल करोगे तुम  जब कभी उदास होगे उम्मीद करता हूँ दुःख ज़रूर बांटोगे तुम  जब भी मेरी याद आये तोह उम्मीद करता हूँ क लौट आओगे तुम!!!!                                    - Pushkin Channan

मंज़िलें, Goals

मंज़िलें खो सी गई हैं, रास्ते धुंधले से होते जा रहे हैं, गर्दिशें ऐसे मिल रहीं हैं जैसे सदियों से इंतज़ार में बैठी हों । उनसे मोहोब्बत जैसे बेशुमार हो गई है । ना  दरिया में हम बहते और ना वो दरिया काला पानी होता।                                            - Pushkin Channan

ख्वाब और हक़ीक़त

उस चेहरे को कागज़ पर उतारने की कोशिश कर रहा था, जिसे मैंने कल रात ख्वाब में देखा था। ख्वाब था वो कोई हक़ीक़त नहीं जो कागज़ पर उतर जाती!! लोग अक्सर ख्वाबों को हक़ीक़त से जोड़ने की गुस्ताखी कर बैठते हैं । तजुर्बे की कमी के चलते ऐसा कर बैठते हैं ।                                  - Pushkin Channan

काश ये वक़्त ठहर सा जाता।

वो  समझाते रहे और हम समझते  रहे। वो यूँ ही गुनगुनाते रहे और हम उनके कायल हो गये। वो चलते रहे और हम भी साथ देने को चल पड़े। वो घायल हुए और हम दुआ क़ुबूल होने की गुहार लगाते रहे। वो शिकायतें करते रहे और हमारा घड़ा भरता गया। वो कस्मे खाते रहे और हम उन्हें तोड़ने की बात करते रहे। वो फांसले बनाते गए और हम समुद्र का किनारा हो गये। वो याद बन गए और हमारे दिल में समा गए। ये वक़्त बीत गया और वो यादें धुन्धुली हो गईं। ये वक़्त का ही  खेल था जिसने मिलाया और जुदा करवाया था ।                 काश ये वक़्त ठहर सा जाता.........